जाप में माला घुमाते समय तर्जनी अंगुली का उपयोग नहीं होता यह क्यों ?—इसलिए कि—

(क) हृदि तिष्ठद्दशांगुलम् (यजुर्वेद ३१) और

(ख) ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति (गीता)

अर्थात्—भगवान् का मुख्य निवास स्थान प्राणी का हृदय प्रदेश है। इन प्रमाणों के अनुसार हृदय को प्रभावित करने के लिए ही जाप होता है सो मध्यांगुली की धमनी का ही हृत्प्रदेश से सीधा सम्बन्ध है अतः जाप में उसी का उपयोग होता है। यवनादि इस रहस्य को नहीं जानते वे तो केवल विद्यालय के प्रथम श्रेणी के बालकों की भांति केवल गोलियें गिनकर ही अभी एक-दो गिनना सीखने के अभ्यासी हैं।